GK Facts – पनीर एक लोकप्रिय और पौष्टिक डेयरी उत्पाद है, जिसे भारतीय भोजन में खास स्थान प्राप्त है। यह न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। पनीर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन्स पाए जाते हैं, जो शरीर की कई आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। खास बात यह है कि पनीर शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में पनीर का सेवन करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और मांसपेशियों को ताकत मिलती है। इसके अलावा, यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे थकान कम महसूस होती है। पनीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता। यही कारण है कि कई पोषण विशेषज्ञ इसे रोजमर्रा के आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। हालांकि, इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है ताकि इसके फायदे पूरी तरह मिल सकें।

पनीर और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों में लाभ
पनीर का सबसे बड़ा फायदा हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में देखने को मिलता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस या हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए पनीर एक उपयोगी आहार हो सकता है। नियमित रूप से पनीर का सेवन करने से हड्डियों का घनत्व बेहतर बना रहता है और फ्रैक्चर का खतरा कम हो सकता है। बढ़ती उम्र में जब हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, तब पनीर शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। इसके अलावा, पनीर में मौजूद प्रोटीन हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों को भी सहारा देता है। बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए पनीर को संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है। अगर इसे सब्जियों या साबुत अनाज के साथ खाया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ सकते हैं।
पनीर और डायबिटीज में इसका असर
डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना पड़ता है। पनीर इस मामले में एक अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। पनीर में मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट्स शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे शुगर लेवल संतुलित बना रहता है। इसके अलावा, पनीर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। इससे अनावश्यक स्नैकिंग से बचाव होता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को तला-भुना या बहुत ज्यादा फैटी पनीर खाने से बचना चाहिए। उबला या हल्का पका हुआ पनीर ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
दिल की सेहत में पनीर की भूमिका
दिल की सेहत के लिए भी पनीर को लाभकारी माना जाता है, बशर्ते इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। पनीर में मौजूद प्रोटीन और कुछ आवश्यक फैटी एसिड शरीर के लिए जरूरी होते हैं। ये तत्व दिल की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, पनीर में पोटैशियम की मौजूदगी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है। जब ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, तो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। हालांकि, ज्यादा नमक या मक्खन के साथ बना पनीर दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए सादा और कम वसा वाला पनीर बेहतर विकल्प होता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ पनीर को शामिल करने से दिल की सेहत को सहारा मिल सकता है।
वजन और मांसपेशियों के लिए पनीर के फायदे
जो लोग वजन नियंत्रित करना चाहते हैं या मांसपेशियां मजबूत बनाना चाहते हैं, उनके लिए पनीर एक उपयोगी आहार है। इसमें मौजूद हाई क्वालिटी प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और वृद्धि में मदद करता है। वर्कआउट करने वालों के लिए पनीर ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। साथ ही, यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम हो जाती है। वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग कम फैट वाले पनीर का चुनाव कर सकते हैं। वहीं, दुबले-पतले लोगों के लिए यह हेल्दी तरीके से वजन बढ़ाने में सहायक हो सकता है। कुल मिलाकर, संतुलित मात्रा में पनीर का सेवन शरीर को ताकत देने और फिट रखने में मदद करता है।
