IMD Weather Alert – भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए भारी बारिश, बर्फीली हवाओं और शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम में यह अचानक बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और उत्तरी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के तेज बहाव के कारण देखा जा रहा है। पहाड़ी राज्यों में जहां भारी बर्फबारी की संभावना है, वहीं मैदानी इलाकों में तेज बारिश और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है। IMD के अनुसार, इस दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे जा सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। किसानों, यात्रियों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन को पहले से तैयार रहने और आपात सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

उत्तर भारत में मौसम का बदला मिजाज
उत्तर भारत के राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और ठंड के साथ बारिश का दौर तेज हो गया है। IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। ठंडी और तेज हवाओं के कारण शीतलहर की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। कुछ इलाकों में दृश्यता कम होने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। IMD के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिरने से जनजीवन ठप हो सकता है। कई जगहों पर सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और संचार सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम साफ होने तक पहाड़ी इलाकों की यात्रा टालने की सलाह दी है। स्थानीय निवासियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने और जरूरी सामान पहले से जुटाकर रखने को कहा गया है।
शीतलहर के कारण बढ़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
तेज ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के चलते शीतलहर का असर अब स्वास्थ्य पर भी साफ नजर आने लगा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में सर्दी, खांसी, फ्लू और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। IMD और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, शरीर को ढककर रखने और ठंडे वातावरण में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ लेने और संतुलित आहार पर ध्यान देने से भी ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
प्रशासन और नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
IMD के रेड अलर्ट के बाद प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम से जुड़ी जानकारी समय-समय पर लोगों तक पहुंचाएं और आपात सेवाओं को सक्रिय रखें। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अफवाहों पर ध्यान न दें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, सुरक्षित स्थानों पर रहना और बिजली व पेड़ों से दूर रहना जरूरी है। किसान भाइयों को फसलों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करने और पशुओं को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।
